अमेरिका का क्रिप्टो बिल क्लैरिटी एक्ट, जो डीफाई (DeFi) और क्रेडिट यूनियन से जुड़े नियमों को कवर करता है, अगले हफ्ते सीनेट के रिसेस से लौटते ही 60 वोटों की कसौटी पर परखा जाएगा। रिपब्लिकन सीनेटरों ने गुरुवार को बिल का एक नया ड्राफ्ट सामने रखा। जो कोई भी अमेरिकी क्रिप्टो नीति पर नजर रखता है, उसे यह वोट जरूर देखना चाहिए, क्योंकि यह आने वाले वर्षों के लिए नियमों की दिशा तय कर सकता है।
दरअसल हुआ क्या
CoinDesk की रिपोर्ट के मुताबिक, क्लैरिटी एक्ट को सीनेट में पास होने के लिए 60 वोट चाहिए। सांसद अगले हफ्ते रिसेस से लौट रहे हैं। रिपब्लिकनों ने उस वोट से ठीक पहले, गुरुवार को बिल का एक ताजा ड्राफ्ट जारी किया। रिपोर्ट के अनुसार, नए टेक्स्ट में डीसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस यानी डीफाई, और क्रेडिट यूनियन से जुड़े प्रावधानों में बदलाव किए गए हैं। CoinDesk इस बिल की आगे की राह को 'अस्पष्ट' बता रहा है, भले ही ड्राफ्ट अपडेट हो चुका हो। यह बात साफ करती है कि बिल के अंतिम रूप से पास होने को लेकर अनिश्चितता अब भी बरकरार है। रिपोर्ट में वोटिंग की सटीक तारीख नहीं बताई गई, सिर्फ 'अगले हफ्ते' कहा गया है। साथ ही, नए ड्राफ्ट में डीफाई या क्रेडिट यूनियन से जुड़ी भाषा में हुए विशेष बदलावों का भी ब्योरा नहीं दिया गया।
यहां तक कैसे पहुंचे
क्लैरिटी एक्ट, अमेरिकी कांग्रेस की उस लंबी कोशिश का हिस्सा है जिसके तहत डिजिटल एसेट्स के लिए स्पष्ट नियम बनाने की कोशिश की जा रही है। सांसद वर्षों से ऐसा कानून बनाने में जुटे हैं, लेकिन अब तक कोई व्यापक कानून पास नहीं हो पाया है। सीनेट में ज्यादातर बिलों को प्रक्रियागत बाधाओं को पार कर आगे बढ़ने के लिए 60 वोटों की जरूरत होती है। रिपब्लिकनों द्वारा सीनेट के रिसेस से लौटने से पहले जारी किया गया यह नया ड्राफ्ट, बिल को आगे बढ़ाने की एक और कोशिश है। मूल स्रोत में क्लैरिटी एक्ट के पहले के वर्जनों या पिछली वोटिंग गिनती का जिक्र नहीं है, इसलिए इसका पूरा विधायी इतिहास यहां शामिल नहीं है।
आपके लिए यह क्यों मायने रखता है
क्रिप्टो बिल्डरों के लिए, खासकर डीफाई प्लेटफॉर्म पर काम करने वालों के लिए, क्लैरिटी एक्ट अगर पास होता है तो कानूनी सीमाएं और स्पष्ट हो सकती हैं। नए ड्राफ्ट में नामित क्रेडिट यूनियनों को भी डिजिटल एसेट्स से जुड़े नए नियमों का सामना करना पड़ सकता है। आम क्रिप्टो निवेशकों के लिए, बिल पास होने का मतलब हो सकता है कि अमेरिका में टोकन और प्लेटफॉर्म को लेकर नियामकीय स्पष्टता ज्यादा बेहतर हो। अगर सीनेट वोट में 60 वोटों का आंकड़ा नहीं छू पाता, तो मौजूदा अनिश्चितता बनी रहेगी, और बिल्डर व निवेशक बिना किसी स्पष्ट संघीय ढांचे के काम करते रहेंगे। जो कोई भी डीफाई प्रोजेक्ट या क्रिप्टो एक्सपोजर वाली क्रेडिट यूनियन चलाता है, उसे नए ड्राफ्ट का सटीक टेक्स्ट सार्वजनिक होते ही उस पर नजर रखनी चाहिए।
बड़ा सवाल यह है
क्या कांग्रेस आखिरकार एक स्थायी क्रिप्टो मार्केट फ्रेमवर्क पास कर पाएगी? या फिर क्लैरिटी एक्ट भी उन ढेरों बिलों की सूची में शामिल हो जाएगा जो 60 वोटों तक पहुंचने से पहले ही अटक गए? इसका जवाब तय करेगा कि आने वाले वर्षों में अमेरिका में डीफाई प्लेटफॉर्म, क्रेडिट यूनियन और आम क्रिप्टो यूजर्स कैसे काम करेंगे। अगले हफ्ते की एक ही वोट गिनती यह तय कर सकती है कि बिल्डरों को कानूनी स्पष्टता मिलेगी, या अनिश्चितता का दौर अनिश्चित काल तक जारी रहेगा।
आगे क्या देखना है
CoinDesk के मुताबिक, सीनेट अगले हफ्ते रिसेस से लौटेगी, और तभी क्लैरिटी एक्ट पर वोटिंग होने की उम्मीद है। मौजूदा रिपोर्टिंग में कोई सटीक तारीख नहीं दी गई है। नजर रखें कि बिल को 60 वोट मिलते हैं या नहीं, और डीफाई व क्रेडिट यूनियन प्रावधानों में आगे कोई बदलाव होता है या नहीं। Bonuz अमेरिकी क्रिप्टो नीति से जुड़े ऐसे घटनाक्रमों पर नजर बनाए रखेगा, जो बिल्डरों और कनेक्टेड डिवाइस व डिजिटल एसेट्स के यूजर्स को प्रभावित कर सकते हैं।



