SEC की टॉप क्रिप्टो वकील का कहना है कि एजेंसी ब्लॉकचेन एसेट्स को कस्टडी नियमों के तहत रखने को लेकर फर्मों को सहज बनाने पर काम कर रही है। कस्टडी को लेकर स्पष्ट गाइडेंस यह तय कर सकती है कि आखिरकार कौन से बैंक और ब्रोकर आम लोगों को क्रिप्टो सेवाएं देना शुरू करेंगे।
क्या हुआ असल में
SEC के Crypto Task Force की टॉप वकील Taylor Lindman ने कहा कि एजेंसी फर्मों को ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी और क्रिप्टो एसेट्स को लेकर सहज बनाने की कोशिश कर रही है। यह बात 22 सितंबर 2026 को CoinDesk की एक रिपोर्ट में सामने आई। यह टास्क फोर्स SEC के भीतर ही काम करता है और डिजिटल एसेट पॉलिसी पर फोकस करता है। Lindman की बताई गई टिप्पणियों में कस्टडी नियम का कोई ठोस टेक्स्ट शामिल नहीं था। रिपोर्ट में किसी प्रस्तावित रेगुलेशन, टाइमलाइन या वोट की तारीख का जिक्र नहीं है। उनकी टिप्पणियां बताती हैं कि एजेंसी और इंडस्ट्री के बीच कस्टडी को लेकर बातचीत अभी जारी है।
यहां तक कैसे पहुंचे हालात
SEC ने डिजिटल एसेट्स के लिए स्पष्ट रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाने के मकसद से अपना Crypto Task Force शुरू किया था, क्योंकि सालों से इस क्षेत्र में अनिश्चितता बनी हुई थी। कस्टडी, यानी कोई फर्म किसी क्लाइंट का क्रिप्टो कैसे सुरक्षित रूप से रखे, यह मुद्दा बैंकों और ब्रोकरों के लिए सबसे विवादित रहा है। कई फर्मों का कहना था कि अस्पष्ट नियमों की वजह से वे क्रिप्टो सेवाएं देना शुरू ही नहीं कर पाईं। SEC पहले औपचारिक रूलमेकिंग के बजाय एनफोर्समेंट एक्शन पर ज्यादा निर्भर रहा, जिससे कस्टडी से जुड़ी प्रैक्टिस अनिश्चितता में बनी रहीं। Lindman की टिप्पणियां बताती हैं कि टास्क फोर्स अभी भी इनपुट इकट्ठा कर रहा है, न कि किसी नियम को अंतिम रूप दे रहा है।
आपके लिए इसका मतलब क्या है
क्रिप्टो होल्डर्स के लिए, स्पष्ट कस्टडी नियमों का मतलब आगे चलकर ज्यादा बैंकों और ब्रोकरों द्वारा डिजिटल एसेट्स के लिए रेगुलेटेड स्टोरेज ऑफर करना हो सकता है। बिल्डर्स और एक्सचेंजों के लिए, Lindman की टिप्पणियां संकेत देती हैं कि SEC सिर्फ एनफोर्समेंट नहीं बल्कि बातचीत चाहता है, हालांकि अभी कुछ भी अंतिम नहीं है। कस्टोडियन के लिए, यह भविष्य के कंप्लायंस फ्रेमवर्क की ओर इशारा करता है, जिसे अभी से ट्रैक करना समझदारी होगी। हार्डवेयर वॉलेट और उभरते AR-लिंक्ड डिवाइस इस्तेमाल करने वालों के लिए, इंस्टीट्यूशनल कस्टडी में स्पष्टता आगे चलकर यह तय कर सकती है कि कौन से प्रोडक्ट्स कानूनी रूप से क्रिप्टो रख सकते हैं। अभी कुछ भी तय नहीं हुआ है, इसलिए इसे नीति में बदलाव नहीं बल्कि एक संकेत के रूप में देखें।
बड़ा सवाल
अगर SEC फर्मों को क्रिप्टो कस्टडी को लेकर सहज बनाना चाहता है, तो यह सहजता एक औपचारिक नियम बनने में कितना वक्त लेगी? संस्थान सालों से क्लाइंट के क्रिप्टो एसेट्स को कानूनी रूप से रखने पर स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं। इरादे का संकेत, पूरे हो चुके रेगुलेशन जैसा नहीं होता। असली सवाल यह है कि क्या यह बातचीत आखिरकार एक वास्तविक कस्टडी फ्रेमवर्क बनेगी, या सिर्फ चर्चा का विषय बनकर रह जाएगी।
आगे क्या देखना है
अभी तक SEC की तरफ से किसी औपचारिक कस्टडी नियम या वोट की तारीख का ऐलान नहीं हुआ है। 22 सितंबर 2026 की CoinDesk रिपोर्ट के बाद Crypto Task Force की आगे की टिप्पणियों पर नजर रखें। Bonuz किसी भी ऐसे कस्टडी रूलमेकिंग को ट्रैक करता रहेगा जो क्रिप्टो वॉलेट्स को प्रभावित करे, चाहे वह हार्डवेयर वॉलेट हो या AR-लिंक्ड डिवाइस। जब तक कोई औपचारिक प्रस्ताव सामने नहीं आता, तब तक Lindman की टिप्पणियों को एक पॉलिसी संकेत ही माना जाना चाहिए, नियम नहीं।



