Nethermind, ZEUS ने Anthropic OSS Scanner के लिए आवेदन किया

By bonuz NewsroomPublished October 11, 2026
Crypto Projects Apply for Anthropic AI Security Scanner

Nethermind, ZEUS और कुछ अन्य क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स ने Anthropic के नए OSS Scanner के लिए आवेदन किया है। यह एक ऐसी सेवा है जो फ्रंटियर AI मॉडल्स की मदद से सॉफ्टवेयर में मौजूद खामियों को हैकर्स से पहले ढूंढ निकालती है। क्रिप्टो इन्फ्रास्ट्रक्चर पर AI-पावर्ड हमले बढ़ने के साथ, मजबूत डिफेंसिव टूल्स तक पहुंच यह तय कर सकती है कि अगला एक्सप्लॉइट किन प्रोजेक्ट्स को बचा पाता है और किन्हें नहीं।

दरअसल हुआ क्या

Anthropic ने 8 अक्टूबर 2026 को OSS Scanner लॉन्च किया, जो Cointelegraph के मुताबिक एक ऑप्ट-इन सेवा है जो अपने सबसे ताकतवर AI मॉडल्स, जिनमें Claude Mythos भी शामिल है, से वल्नरेबिलिटी रिपोर्ट्स उपलब्ध कराती है। अगले ही दिन, 9 अक्टूबर 2026 को, क्रिप्टो कंपनियों ने एनरोलमेंट रिक्वेस्ट भेजनी शुरू कर दीं। Ethereum क्लाइंट डेवलपर Nethermind ने अपने पूरे रिपॉजिटरी के ऑडिट के लिए आवेदन किया। Bitcoin और Lightning वॉलेट ZEUS ने पेमेंट्स, प्राइवेट कीज़ और Lightning Service कनेक्शंस की जांच मांगी। Cosmos SDK चेन पर बने डिसेंट्रलाइज्ड क्लाउड कंप्यूटिंग मार्केटप्लेस VirtEngine ने भी आवेदन किया। Anthropic ने कहा कि ये रिपोर्ट्स "हमारे सबसे मजबूत मॉडल्स (Claude Mythos समेत) द्वारा तैयार की जाएंगी ताकि ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट्स को सबसे बड़ा डिफेंसिव एडवांटेज मिल सके।" प्रकाशन के समय तक इनमें से कोई भी पुल रिक्वेस्ट मर्ज नहीं हुई थी।

यहां तक पहुंचे कैसे

OSS Scanner, Anthropic के पहले के प्रोजेक्ट Glasswing पर आधारित है, जो पहले से ओपन-सोर्स कोड स्कैन करता था लेकिन नतीजे साझा करने से पहले धीमी मानव समीक्षा पर निर्भर था। इस साल क्रिप्टो कंपनियों को AI-असिस्टेड हमलों की बढ़ती लहर का सामना करना पड़ा है। Bitcoin स्वैप प्रोवाइडर Boltz ने अगस्त 2026 में अपना ऑपरेशन बंद कर दिया था, यह कहते हुए कि हमलावर उनकी टीम के पैच करने की रफ्तार से कहीं तेज एक्सप्लॉइट बना रहे थे। क्रिप्टो पेमेंट सेवा PayPerQ ने भी बार-बार ऐसे हमलों की रिपोर्ट दी जिन्हें वह AI-पावर्ड मानती है। Anthropic ने खुद 8 अक्टूबर 2026 को चेतावनी दी कि निकट भविष्य में AI हमलावरों के पक्ष में झुक सकता है, क्योंकि एक्सप्लॉइटेशन सस्ता होता जा रहा है जबकि खामियां ठीक करना अभी भी इंसानों पर निर्भर है।

आपके लिए क्यों मायने रखता है

वॉलेट यूज़र्स के लिए, तेज़ वल्नरेबिलिटी डिटेक्शन का मतलब है कि पैच आने से पहले फंड निकलने की घटनाएं कम हो सकती हैं। बिल्डर्स के लिए, OSS Scanner फ्रंटियर मॉडल ऑडिट तक पहुंच देता है, जिसे छोटी टीमें आमतौर पर अफोर्ड नहीं कर पातीं। पूरे इकोसिस्टम के लिए, असमान पहुंच एक निष्पक्षता का सवाल खड़ा करती है — प्रोग्राम में स्वीकार किए गए प्रोजेक्ट्स को उन प्रोजेक्ट्स पर डिफेंसिव बढ़त मिल जाती है जो अभी इंतज़ार में हैं। Anthropic ने कहा कि वह हर आवेदक का केस-दर-केस आकलन करेगी, इसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर की अहमियत, रिमोट अटैक का खतरा और कितने यूज़र्स उस पर निर्भर हैं, जैसी बातों को तौला जाएगा। यही चयन प्रक्रिया तय कर सकती है कि कौन-से प्रोटोकॉल आगे चलकर मजबूत बने रहते हैं।

बड़ा सवाल

अगर AI मॉडल्स इंसानों से कहीं तेज़ रफ्तार से खामियां ढूंढ सकते हैं, तो यह कौन तय करेगा कि पहले किन प्रोजेक्ट्स को सुरक्षा मिले? Anthropic का केस-दर-केस चयन ओपन-सोर्स दुनिया के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करता है: क्या डिफेंसिव AI तक पहुंच हमलावरों की रफ्तार से मुकाबला कर पाएगी, अगर वह सबके लिए खुली न होकर सीमित ही रहे?

आगे क्या देखना है

यह देखना अहम होगा कि क्या Anthropic, Nethermind, ZEUS और VirtEngine की पेंडिंग पुल रिक्वेस्ट्स को OSS Scanner के GitHub रिपॉजिटरी पर मर्ज करता है। 9 अक्टूबर 2026 तक इनमें से कोई भी मर्ज नहीं हुई थी। जैसे-जैसे यह प्रोग्राम आगे बढ़ेगा, AI असिस्टेंट डेवलपर्स, एजेंट सिक्योरिटी टूल बनाने वालों और मशीन लर्निंग इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से और आवेदन आने की उम्मीद है। Bonuz यह ट्रैक करता रहेगा कि यह पहुंच Web3 आइडेंटिटी से जुड़े वॉलेट्स और हार्डवेयर की सुरक्षा को किस तरह आकार देती है।

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