Google अपने Discover फीड में एक AI चैटबॉट जोड़ रहा है, जिसकी मदद से आप बता सकते हैं कि आपकी फीड में क्या दिखना चाहिए। यह टूल आपकी पसंद को याद रखता है ताकि अगली बार जब आप ऐप खोलें तो वही अनुभव मिले। यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि इससे यूज़र्स को एल्गोरिद्म-चालित फीड पर सीधी भाषाई कमान मिलती है — वही दिशा जिस पर आगे चलकर AR और स्मार्ट ग्लासेज़ के हैंड्स-फ्री कंटेंट कस्टमाइज़ेशन का भविष्य टिका होगा।
क्या हुआ असल में
The Verge की रिपोर्ट के मुताबिक, Google ने यह अपडेट 20 अगस्त 2026 को घोषित किया और कहा कि यह आने वाले दिनों में Google ऐप पर उपलब्ध होगा। यूज़र्स को यह नया विकल्प Discover फीड के थ्री-डॉट मेन्यू में मिलेगा। इसे टैप करते ही एक चैटबॉट जैसा इंटरफेस खुलता है, जहां लोग बता सकते हैं कि उनकी फीड में क्या दिखना चाहिए। चैटबॉट चुनी गई प्राथमिकताओं की पुष्टि करता है, यह भी बताता है कि किस तरह का कंटेंट प्राथमिकता में रहेगा, और Refresh your feed पर टैप करने से पहले सुधार जोड़ने का मौका भी देता है। Google ने इसके साथ दो और बदलावों का ऐलान किया है। Android पर Google News ऐप में अब यूज़र्स पर्सनलाइज़्ड डेली ऑडियो ब्रीफिंग के लिए विषय चुन सकेंगे। वहीं, अपडेटेड Preferred Sources फीचर पब्लिशर्स को अपनी वेबसाइट पर एक इंटरैक्टिव बटन जोड़ने देगा, जिससे पाठक पेज छोड़े बिना उस आउटलेट को अपनी पसंदीदा सूची में शामिल कर सकेंगे, ऐसा उसी रिपोर्ट में बताया गया है।
यह बदलाव कैसे आया
Discover लंबे समय से यूज़र की सर्च और ऐप एक्टिविटी के आधार पर आर्टिकल सुझाता रहा है, जिसमें पाठक का सीधा दखल बहुत कम रहा है। इससे पहले Google के पास टॉपिक फॉलो करने या थम्ब्स अप-डाउन जैसे सीमित टूल ही थे। यह कदम एक बड़े इंडस्ट्री ट्रेंड का हिस्सा है। The Verge के मुताबिक, YouTube, Instagram, Bluesky और X ने भी हाल के वर्षों में फीड कस्टमाइज़ेशन के लिए AI-आधारित तरीके जोड़े हैं। Google अब वही कन्वर्सेशनल अप्रोच अपने रिकमेंडेशन सिस्टम पर लागू कर रहा है, यानी फीड को सिर्फ क्लिक और डवेल टाइम पर प्रतिक्रिया देने वाले फिक्स्ड एल्गोरिद्म के बजाय एक संवाद के रूप में देख रहा है।
आपके लिए मायने क्या हैं
आम यूज़र्स के लिए इसका मतलब है कम पैसिव स्क्रॉलिंग और सर्च हिस्ट्री पर आधारित फीड पर ज़्यादा सीधा कंट्रोल। पब्लिशर्स के लिए, Preferred Sources बटन एक नया डिस्ट्रिब्यूशन ज़रिया बनता है, जिससे आउटलेट्स सीधे पाठकों से Google के इकोसिस्टम में खुद को प्राथमिकता देने की अपील कर सकते हैं। AI इंटरफेस पर काम करने वालों के लिए, Google का यह चैटबॉट-चालित फीड संकेत देता है कि कन्वर्सेशनल कंट्रोल लेयर अब मानक बनते जा रहे हैं। इसका सीधा असर वियरेबल और AR इंटरफेस पर भी पड़ेगा, जहां टाइप करके प्राथमिकताएं बताना व्यावहारिक नहीं है, और वॉइस से बताई गई फीड स्मार्ट ग्लासेज़ जैसे हैंड्स-फ्री डिवाइसेज़ पर कंटेंट मैनेज करने का डिफॉल्ट तरीका बन सकती है।
बड़ा सवाल
जैसे-जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स पर AI चैटबॉट फीड कस्टमाइज़ेशन का जिम्मा संभालते जा रहे हैं, एक बड़ा सवाल उठता है। यह कौन तय करेगा कि एल्गोरिद्म वाकई वही करता है जो यूज़र ने बताया है, न कि चुपचाप वही कंटेंट प्राथमिकता देता है जो लोगों को सबसे लंबे समय तक स्क्रॉल करवाए रखे? अगर कन्वर्सेशनल कंट्रोल फोन्स पर और आगे चलकर वियरेबल डिवाइसेज़ पर भी मानक बन जाता है, तो क्या यूज़र्स कभी यह ऑडिट कर पाएंगे कि उनके सामने जो कंटेंट आ रहा है, वह उनकी बताई प्राथमिकताओं से तय हो रहा है या प्लेटफॉर्म के बिज़नेस हितों से?
आगे क्या देखना है
Google का कहना है कि चैटबॉट-आधारित फीड कस्टमाइज़ेशन टूल 20 अगस्त 2026 की घोषणा के कुछ ही दिनों में Google ऐप पर आ जाएगा। Preferred Sources बटन और पर्सनलाइज़्ड News ऑडियो ब्रीफिंग भी साथ-साथ रोलआउट हो रहे हैं, हालांकि इनके लिए कोई तय तारीख नहीं दी गई है। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पब्लिशर्स Preferred Sources बटन को कैसे अपनाते हैं, और क्या Google कन्वर्सेशनल फीड कंट्रोल को Search और AI Overviews तक भी विस्तारित करता है।


