बर्कले लॉ की लेक्चरर हर्मिन वोंग ने एक ओपिनियन पीस में चेतावनी दी है कि बड़ी क्रिप्टो कंपनियां इस चुनाव में इंडस्ट्री की राजनीतिक आवाज़ पर खुद कब्ज़ा जमाने की कोशिश कर रही हैं। यह बहस इसलिए मायने रखती है क्योंकि यह तय करेगी कि क्रिप्टो नीति को कौन आकार देगा, बड़ी कंपनियां या तकनीक का व्यापक यूज़र बेस।
दरअसल हुआ क्या
2 नवंबर 2026 को प्रकाशित एक ओपिनियन पीस में, CoinDesk ने बर्कले लॉ की लेक्चरर हर्मिन वोंग की दलील छापी। वोंग ने लिखा, 'हमारी वफादारी हमेशा तकनीक के प्रति रही है। इस चुनाव में जाल यह है कि सबसे बड़े इंटरमीडियरीज़ इसे अपने नाम कर लें।' यह लेख क्रिप्टो की राजनीतिक पहचान को तकनीक के मूल सिद्धांतों और इस क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनियों के बीच एक मुकाबले के रूप में पेश करता है। उपलब्ध अंश में वोंग किसी खास कंपनी या चुनावी दौड़ का नाम नहीं लेतीं। उनकी दलील एक ही चेतावनी पर केंद्रित है, इस साल राजनीतिक फैसलों में क्रिप्टो की नुमाइंदगी तकनीक नहीं, बल्कि इंटरमीडियरीज़ कर सकते हैं।
यहां तक पहुंचे कैसे
क्रिप्टो की नींव ही इंटरमीडियरीज़, एक्सचेंजों, कस्टोडियनों और राजनीतिक प्रतिनिधियों को हटाने के विचार पर रखी गई थी। जैसे-जैसे इंडस्ट्री बढ़ी, बड़ी कंपनियों ने इसकी सार्वजनिक छवि और नीतिगत स्थिति तय करने में बड़ी भूमिका निभानी शुरू कर दी। वोंग का लेख यह नहीं बताता कि वे किन कंपनियों, चंदों या चुनावी दौड़ों की बात कर रही हैं। इसके बजाय, वह एक पुराने तनाव की ओर इशारा करती हैं, तकनीक ने बिचौलियों को खत्म करने का वादा किया था, फिर भी आज क्रिप्टो की सबसे मुखर आवाज़ें व्यक्तिगत यूज़र्स की नहीं, बल्कि सबसे बड़ी कंपनियों की हैं। वोंग इस चुनाव को उस पल के रूप में देखती हैं जब यह तनाव इंडस्ट्री के सबसे बड़े खिलाड़ियों और तकनीक के व्यापक होल्डर व बिल्डर समुदाय के बीच एक चुनाव बन जाता है।
आपके लिए क्यों मायने रखता है
टोकन होल्डर्स के लिए, इस बहस का नतीजा तय कर सकता है कि किन नीतियों को प्राथमिकता मिलेगी, उपभोक्ता सुरक्षा, टैक्सेशन, या मार्केट स्ट्रक्चर नियम। बिल्डर्स के लिए, यह एक व्यावहारिक सवाल खड़ा करता है, जब रेगुलेटर सवाल पूछें तो किसी प्रोजेक्ट की नुमाइंदगी कौन करेगा, प्रोटोकॉल का डिज़ाइन या उसे लोकप्रिय बनाने वाली कंपनी। आम यूज़र्स के लिए दांव परोक्ष लेकिन असली हैं। अगर बड़े इंटरमीडियरीज़ राजनीतिक बातचीत पर हावी रहते हैं, तो उसके जवाब में बनने वाले नियम कॉरपोरेट प्राथमिकताओं को दर्शा सकते हैं, न कि उस खुली, परमिशनलेस डिज़ाइन को जिसे कई यूज़र्स महत्व देते हैं। वोंग का लेख बताता है कि इंडस्ट्री के सबसे बड़े नाम और इसके मूल विकेंद्रीकृत आदर्श हमेशा एक ही चीज़ नहीं चाहते।
बड़ा सवाल
वोंग का लेख एक सवाल उठाता है जो किसी एक चुनाव से कहीं आगे जाता है, जब कोई इंडस्ट्री बिचौलियों को हटाने पर खड़ी की गई हो, तो बिचौलिए मौजूद होने के बाद उसकी ओर से बोलने का हक किसे है। क्या राजनीतिक नुमाइंदगी कंपनी के आकार, यूज़र संख्या, या किसी और आधार पर तय होनी चाहिए। इसका जवाब आने वाले सालों तक तय कर सकता है कि रेगुलेटर, वोटर और बिल्डर क्रिप्टो के मूल्यों को कैसे समझते हैं। यह एक ऐसा सवाल है जिसका कोई साफ-सुथरा जवाब नहीं है, और जो हर चुनावी चक्र में क्रिप्टो नीति के मुद्दे पर दोबारा उभरेगा।
आगे क्या देखना है
यह ओपिनियन पीस 2 नवंबर 2026 को, इस चुनावी चक्र की वोटिंग अवधि के करीब प्रकाशित हुआ। उपलब्ध सामग्री में कोई खास तारीख, चुनावी दौड़ या कंपनी के नाम नहीं हैं। पाठकों को यह देखना चाहिए कि नतीजे आने के साथ क्रिप्टो इंडस्ट्री समूह सार्वजनिक रूप से खुद को कैसे पेश करते हैं, और क्या वोंग की इंटरमीडियरीज़ को लेकर दी गई चेतावनी को इसी मुकाबले को कवर करने वाले अन्य टिप्पणीकार भी दोहराते हैं।



