माइक्रोसॉफ्ट, अल्फाबेट और गोल्डमैन सैक्स समेत 16 बड़ी कंपनियों ने अपने शेयरों को प्रस्तावित OKX-ICE टोकनाइज्ड स्टॉक वेन्यू पर ट्रेड करने पर आपत्ति जताई है। OKX-ICE के सह-अध्यक्ष एंड्रयू कुओमो ने इस विरोध को अपेक्षित बताया, न कि चिंताजनक। यह विवाद दिखाता है कि पारंपरिक कंपनियां और क्रिप्टो बाज़ार चौबीसों घंटे चलने वाले ब्लॉकचेन-आधारित स्टॉक ट्रेडिंग के नियमों को किस तरह परख रहे हैं।
क्या हुआ
सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को जारी एक सार्वजनिक नोटिस में सामने आया कि 16 कंपनियों ने OKXICE पर अपने टोकनाइज्ड शेयरों की ट्रेडिंग पर आपत्ति जताई है। यह वेन्यू OKX और इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज (ICE) द्वारा प्रस्तावित है। इनमें से सात कंपनियां नई थीं — माइक्रोसॉफ्ट, अल्फाबेट, गोल्डमैन सैक्स, क्वालकॉम, कैटरपिलर, मैकडॉनल्ड्स और वेस्टर्न डिजिटल। ये पहले से आपत्ति जता चुकी ब्रॉडकॉम, वेराइज़न और यूनाइटेडहेल्थ जैसी कंपनियों की सूची में शामिल हो गईं। मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को एक प्रेस कॉल में, OKX-ICE के सह-अध्यक्ष और न्यूयॉर्क के पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो ने इस रुझान को 'स्वाभाविक प्रतिक्रिया' बताया। CoinDesk के मुताबिक उन्होंने कहा, 'इस मॉडल को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि कंपनियों के पास यह तय करने का अधिकार हो कि वे इसमें शामिल होना चाहती हैं या बाहर रहना चाहती हैं।' ये आपत्तियां SEC की पांच साल की 'इनोवेशन एग्ज़ेम्प्शन' के तहत आती हैं, जिसे लगभग एक महीने पहले शुरू किया गया था और जो भाग लेने वाले स्टॉक्स तथा ट्रेडिंग वॉल्यूम पर सीमा तय करती है।
यह स्थिति कैसे बनी
टोकनाइज्ड स्टॉक ट्रेडिंग निवेशकों को कंपनी के शेयरों के ब्लॉकचेन-आधारित वर्ज़न रखने की सुविधा देती है, जिसमें चौबीसों घंटे ट्रेडिंग का वादा किया जाता है। इस विवाद से करीब एक महीने पहले लॉन्च हुई SEC की इनोवेशन एग्ज़ेम्प्शन ने OKXICE जैसे वेन्यूज़ को पांच साल की समयसीमा दी, ताकि वे इक्विटी के लिए ऑटोमेटेड मार्केट मेकर्स और लिक्विडिटी पूल्स का परीक्षण कर सकें, जबकि इश्यूअर्स को बाहर निकलने का विकल्प भी मिले। टोकनाइज़ेशन फर्म Securitize ने इस महीने 12 टोकनाइज्ड स्टॉक्स की पेशकश की घोषणा की, जिसमें माइक्रोसॉफ्ट और अल्फाबेट के शेयर शामिल हैं और जिन्हें OKXICE पर लाने की योजना है। Securitize के CEO कार्लोस डोमिंगो ने कहा कि प्राइसिंग और शेयरधारक अधिकारों को लेकर इश्यूअर्स के सवाल 'एक महत्वपूर्ण शिक्षा प्रक्रिया' को दर्शाते हैं। Vertalo के CEO डेव हेंड्रिक्स ने कहा कि 30 दिन की आपत्ति विंडो ठीक वैसे ही काम कर रही है जैसा SEC चाहती थी।
आपके लिए क्यों मायने रखता है
निवेशकों के लिए इसका मतलब है कि शुरुआत में टोकनाइज्ड वेन्यूज़ पर कम ब्लू-चिप स्टॉक्स नज़र आएंगे, कम से कम फिलहाल के लिए। इश्यूअर्स के लिए, ऑप्ट-आउट व्यवस्था कंपनियों को यह नियंत्रण देती है कि उनके शेयर नए ब्लॉकचेन रेल्स पर ट्रेड हों या नहीं, बिना यह रोके कि Securitize जैसी फर्मों के अलग टोकनाइज़ेशन ऑफर आगे बढ़ें। बिल्डर्स के लिए, Vertalo के डेव हेंड्रिक्स ने एक अहम कमी की ओर इशारा किया: अभी तक कोई ऐसा सिस्टम मौजूद नहीं है जो पारंपरिक एक्सचेंजों और टोकनाइज्ड सिक्योरिटीज़ वेन्यूज़ के बीच ट्रेडिंग को सिंक्रोनाइज़ कर सके। उनके मुताबिक यही कमी है जिसकी वजह से फिलहाल आपत्तियां 'अनुमानित नतीजा' हैं। कुओमो ने सुझाव दिया कि एक बार यह इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार हो जाए, तो आज के आपत्तिकर्ता कल के भागीदार बन सकते हैं, यानी जैसे-जैसे रेल्स परिपक्व होंगी, योग्य स्टॉक्स की सूची बढ़ सकती है।
बड़ा सवाल
अगर टोकनाइज्ड ट्रेडिंग रेल्स आखिरकार पारंपरिक एक्सचेंजों से सुचारू रूप से जुड़ जाएं, तो क्या आज आपत्ति जताने वाली कंपनियां अपना रुख बदलेंगी, जैसा कुओमो सुझाते हैं? या फिर आज की हिचकिचाहट इस बात का गहरा संकेत है कि सार्वजनिक कंपनियां और क्रिप्टो-नेटिव वेन्यूज़ शेयरधारक नियंत्रण, प्राइसिंग और चौबीसों घंटे चलने वाले बाज़ारों को लेकर अलग-अलग तरह से सोचते हैं? इसका जवाब तय करेगा कि टोकनाइज्ड इक्विटीज़ मौजूदा स्टॉक एक्सचेंजों के एक मुख्यधारा पूरक के रूप में उभरेंगी, या सिर्फ उन कंपनियों तक सीमित एक नीश प्रयोग बनकर रह जाएंगी जो जल्दी शामिल होना चाहती हैं।
आगे क्या देखना है
SEC की इनोवेशन एग्ज़ेम्प्शन इसके रोलआउट से पांच साल तक चलेगी, जो करीब एक महीने पहले शुरू हुई थी, जिससे OKXICE को अपने सैंडबॉक्स मॉडल को भाग लेने वाले स्टॉक्स और ट्रेडिंग वॉल्यूम की सीमाओं के तहत परखने का समय मिलेगा। Securitize की 12-स्टॉक टोकनाइज्ड पेशकश, जिसमें माइक्रोसॉफ्ट और अल्फाबेट के शेयर शामिल हैं, OKXICE की लिस्टिंग तय करने की प्रक्रिया से अलग बनी रहेगी। आगे और कंपनियों की ओर से खुलासों पर नज़र रखें, क्योंकि 30 दिन की आपत्ति विंडो अतिरिक्त कंपनियों के लिए बंद हो रही है, साथ ही हेंड्रिक्स द्वारा बताई गई एक्सचेंज-टू-ब्लॉकचेन सिंकिंग गैप को दूर करने से जुड़ी किसी भी इन्फ्रास्ट्रक्चर घोषणा पर भी।



