यूरोपीय सेंट्रल बैंक अब स्टेबलकॉइन यील्ड पर मौजूदा बैन को क्रिप्टो लेंडिंग और स्टेकिंग प्रोडक्ट्स तक बढ़ाने की कोशिश में जुटे हैं। यूरोप में क्रिप्टो एसेट्स से यील्ड कमाने वाले किसी भी व्यक्ति को जल्द ही यह यील्ड कैसे जेनरेट और मार्केट की जाती है, इस पर नई पाबंदियों का सामना करना पड़ सकता है।
क्या हुआ
CoinDesk की रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोपीय सेंट्रल बैंकर्स स्टेबलकॉइन यील्ड पर मौजूदा बैन का दायरा बढ़ाकर उसमें क्रिप्टो लेंडिंग और स्टेकिंग प्रोडक्ट्स को भी शामिल करना चाहते हैं। रिपोर्ट में किसी खास संस्था या अधिकारी का नाम नहीं लिया गया है, बल्कि इसे सेंट्रल बैंकर्स के बीच एक साझा रुख बताया गया है। CoinDesk के अनुसार, सेंट्रल बैंकर्स का तर्क है कि इनडायरेक्ट यील्ड स्ट्रक्चर इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट टोकन और कमर्शियल बैंक डिपॉजिट के बीच की रेखा धुंधली कर देते हैं। उनका कहना है कि इससे फाइनेंशियल सिस्टम में प्रतिस्पर्धा बिगड़ती है। रिपोर्ट में इस प्रस्तावित विस्तार के लिए कोई तारीख नहीं दी गई है, और अभी तक किसी औपचारिक वोट या नियम में बदलाव की पुष्टि नहीं हुई है।
पृष्ठभूमि
यह पहल इस बात का संकेत है कि यूरोप में स्टेबलकॉइन पर डायरेक्ट यील्ड देने पर बैन पहले से मौजूद है। यह नई कोशिश उस नियम को इनडायरेक्ट चैनलों तक फैलाने की है, जिसमें क्रिप्टो लेंडिंग प्लेटफॉर्म और स्टेकिंग सर्विसेज शामिल हैं। सेंट्रल बैंकर्स इसे एक खामी को बंद करने के तौर पर देख रहे हैं, क्योंकि यूजर्स स्टेबलकॉइन को सीधे रखे बिना भी, उसे लेंड करके या संबंधित टोकन स्टेक करके यील्ड कमा सकते हैं। यह यूरोपीय रेगुलेटर्स के उस व्यापक रुख से मेल खाता है, जिसमें सेविंग्स के विकल्प के तौर पर मार्केट किए जा रहे क्रिप्टो प्रोडक्ट्स पर निगरानी लगातार सख्त होती जा रही है। रिपोर्ट में किसी विधायी या सुपरवाइजरी कार्रवाई की समयसीमा नहीं दी गई है, इसलिए यह खुला सवाल है कि यह विस्तार कब और कैसे लागू होगा।
यह आपके लिए क्यों मायने रखता है
यूरोप में क्रिप्टो होल्डर्स के लिए इसका मतलब हो सकता है कि लेंडिंग या स्टेकिंग के जरिए स्टेबलकॉइन पर यील्ड कमाने के रास्ते कम हो जाएं। लेंडिंग प्लेटफॉर्म और DeFi प्रोटोकॉल बनाने वालों को बैंक डिपॉजिट जैसी सख्त परिभाषाओं में फिट होने के लिए अपने प्रोडक्ट्स को फिर से डिजाइन करना पड़ सकता है। स्टेबलकॉइन से जुड़े स्टेकिंग रिवॉर्ड्स देने वाले एक्सचेंजों को नई कंप्लायंस शर्तों का सामना करना पड़ सकता है। आम यूजर्स को कम विज्ञापित यील्ड या अतिरिक्त रिस्क डिस्क्लोजर देखने को मिल सकते हैं। AR और स्मार्ट ग्लासेज प्लेटफॉर्म्स सहित बिल्ट-इन फाइनेंस टूल्स एक्सप्लोर कर रहे वॉलेट और ऐप डेवलपर टीमों को यूरोप में यील्ड प्रोडक्ट्स लॉन्च करने से पहले इस स्थिति पर नजर रखनी चाहिए।
बड़ा सवाल
अगर इनडायरेक्ट यील्ड को डायरेक्ट यील्ड जैसा ही माना जाए, तो रेगुलेटर्स को सेविंग्स प्रोडक्ट और पेमेंट टोकन के बीच की रेखा कहां खींचनी चाहिए? यह सवाल यूरोप से आगे भी मायने रखता है, क्योंकि अन्य रेगुलेटर्स भी इस पर करीब से नजर रखे हुए हैं। इसका जवाब यह तय कर सकता है कि क्रिप्टो लेंडिंग और स्टेकिंग एक सुलभ कंज्यूमर प्रोडक्ट के तौर पर बचे रहेंगे, या फिर क्षेत्र से बाहर कम रेगुलेटेड बाजारों की ओर खिसक जाएंगे।
आगे क्या देखें
CoinDesk के मुताबिक, इस प्रस्तावित विस्तार के लिए अभी तक कोई आधिकारिक समयसीमा तय नहीं हुई है। आने वाले महीनों में यूरोपीय सेंट्रल बैंकों की तरफ से औपचारिक प्रस्तावों या सार्वजनिक बयानों पर नजर रखें। किसी भी ड्राफ्ट नियम को अपनाए जाने से पहले संभवतः सार्वजनिक परामर्श की जरूरत होगी। Bonuz यह ट्रैक करता रहेगा कि कोई भी नया नियम कंज्यूमर ऐप्स में इस्तेमाल होने वाले यील्ड-बेयरिंग क्रिप्टो प्रोडक्ट्स को कैसे प्रभावित करता है, जिसमें वियरेबल और AR डिवाइसेज से जुड़े वॉलेट भी शामिल हैं।



